चांदी 15,000 रुपये उछलकर 2.86 लाख के नए शिखर पर, सोना भी 1.46 लाख के पार

नयी दिल्ली, 14 जनवरी – राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को चांदी की कीमत में जबर्दस्त उछाल दर्ज किया गया। चांदी 15,000 रुपये की तेजी के साथ 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। वहीं, वैश्विक बाजारों में मजबूत रुझानों के बीच सोने की कीमत भी 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी में लगातार चौथे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। मंगलवार को 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई चांदी बुधवार को 5.5 प्रतिशत यानी 15,000 रुपये की अभूतपूर्व छलांग लगाते हुए 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। यह चांदी का अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है।

पिछले चार कारोबारी सत्रों में ही चांदी 42,500 रुपये यानी 17.45 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज कर चुकी है। आठ जनवरी को चांदी का भाव 2,43,500 रुपये प्रति किलोग्राम था। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि हाल के दिनों में चांदी ने सोने की तुलना में कहीं बेहतर रिटर्न दिया है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी करीब 47,000 रुपये प्रति किलोग्राम यानी लगभग 20 प्रतिशत मजबूत हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।

सोने की कीमत में भी मजबूती जारी रही। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव बुधवार को 1,500 रुपये चढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गया। मंगलवार को सोना 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। पिछले चार सत्रों में सोने की कीमत 1,40,500 रुपये से बढ़कर कुल 6,000 रुपये यानी 4.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुकी है। साल की शुरुआत से अब तक सोना 8,800 रुपये यानी 6.4 प्रतिशत महंगा हो चुका है।

घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मजबूत संकेत हैं। वैश्विक स्तर पर हाजिर चांदी पहली बार 91 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार करते हुए पांच प्रतिशत से अधिक की उछाल के साथ 91.56 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोना भी 1.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,640.13 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर सूचकांक और अमेरिका में मुद्रास्फीति के अपेक्षाकृत नरम आंकड़ों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने भी सोना और चांदी दोनों को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बना दिया है।

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