कमल निशान के साथ भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा : अमित शाह

तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल दौरे के दौरान पिनरई विजयन सरकार पर जोरदार हमला बोला। तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि यह जीत हमारा अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का एक पड़ाव है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा का अंतिम उद्देश्य केरल में कमल निशान की सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना है।

अपने संबोधन में अमित शाह ने सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी मामले को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “जो लोग मंदिर का सोना नहीं बचा पाए, वे धर्म और आस्था की रक्षा क्या करेंगे।” शाह ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केरल को देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित करना हमारा लक्ष्य: शाह

अमित शाह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केरल को पूर्ण विकसित राज्य बनाना, देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित करना और सदियों पुरानी धार्मिक आस्थाओं की रक्षा करना है। उन्होंने दावा किया कि केरल की जनता भी अब यह मानने लगी है कि यूडीएफ और एलडीएफ राज्य को आगे नहीं ले जा सकते। सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही केरल का विकास कर सकती है।

विकसित भारत का रास्ता विकसित केरल से होकर जाता है

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और विकसित भारत का रास्ता विकसित केरल से होकर जाता है। उन्होंने कहा कि चाहे विकास हो, सुरक्षा हो या सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा—ये सभी लक्ष्य एलडीएफ या यूडीएफ के माध्यम से पूरे नहीं हो सकते।

कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों पर हमला

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दुनिया भर से कम्युनिस्ट पार्टियां खत्म हो चुकी हैं और कांग्रेस पार्टी भी देशभर में सिमटती जा रही है। उन्होंने कहा कि केरल के उज्ज्वल भविष्य का एकमात्र रास्ता अब एनडीए के साथ जुड़ने में है।

पांच राज्यों में चुनावी रणनीति संभालेंगे अमित शाह

अमित शाह अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की चुनावी रणनीति की कमान संभालेंगे। इसके तहत उन्होंने इन राज्यों में चुनावी दौरे शुरू कर दिए हैं। भाजपा पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी, जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में सहयोगी दलों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। शाह की रणनीति कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, संगठन को मजबूत करने और संयुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर केंद्रित है।

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