अयोध्या में धूमधाम से मनाई गई रामनवमी, ‘सूर्य तिलक’ बना आकर्षण का केंद्र

अयोध्या, 27 मार्च (RNN)। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पर्व शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। अधिकारियों के अनुसार इस अवसर पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में दोपहर ठीक 12 बजे वैज्ञानिक तकनीक की सहायता से रामलला का विशेष ‘सूर्य तिलक’ किया गया। इस दौरान लगभग नौ मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे भगवान के ललाट पर पड़ीं। गर्भगृह में 14 पुजारियों ने वैदिक परंपरा के अनुसार अनुष्ठान संपन्न किए।

समारोह के बाद मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद कर भगवान को 56 व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। श्रीराम की प्रतिमा की स्थापना के बाद यह दूसरा ‘सूर्य तिलक’ समारोह था, जिसने श्रद्धालुओं और दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण पैदा किया।

रामनवमी का पर्व चैत्र नवरात्र के नौवें दिन मनाया जाता है और यह भगवान श्रीराम के जन्म का प्रतीक माना जाता है। सुबह सूर्योदय के साथ ही उत्सव की शुरुआत सूर्य आराधना से हुई, जबकि दोपहर में भगवान के जन्म के समय सभी मंदिरों में विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।

Events & Festivals in India | A Ministry of Tourism Initiative

अयोध्या के पुजारी अनुराग शुक्ला ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत गाए और पालने में विराजमान रामलला की प्रतिमा को झुलाकर जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की रथयात्राएं विभिन्न मंदिरों से निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के तट पर पवित्र स्नान भी किया, जबकि कई लोगों ने व्रत रखकर भगवान श्रीराम की आराधना की।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अयोध्या को विभिन्न जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया था। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया और भारी वाहनों का मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ दिया गया।

उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों, पीएसी और स्थानीय पुलिस के साथ जल पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी तैनात रहीं, जिन्होंने विशेष रूप से सरयू नदी के आसपास निगरानी रखी।

गर्मी से राहत देने के लिए राम मंदिर और हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख स्थलों पर छांव और चटाई की व्यवस्था की गई थी, वहीं सभी प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।

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